उत्तराखंड: कुमाऊं और गढ़वाल में भारी बारिश व लैंडस्लाइड से बिगड़े हालात; बागेश्वर में NH-109K ठप और कपकोट में जमीन धंसने का खतरा

देहरादून / बागेश्वर:

उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में मानसूनी बारिश का कहर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) देहरादून केंद्र ने 9 सितंबर 2026 को राज्य के विभिन्न हिस्सों में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की ताजा चेतावनी के अनुसार, 10 से 12 सितंबर के बीच पहाड़ों में आक्रामक बारिश का नया दौर शुरू होने की पूरी आशंका है, जिससे जनजीवन और अधिक प्रभावित हो सकता है।

बाधित राष्ट्रीय राजमार्ग और ग्रामीण संपर्क:

बारिश और भूस्खलन का सबसे भयावह असर बागेश्वर जिले में देखने को मिल रहा है। देहरादून-गरुड़-बागेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-109K) पर रवाइंखाल के पास पहाड़ी से विशाल मलबे और बोल्डर गिरने के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। सीमा सड़क संगठन (BRO) की जेसीबी और भारी मशीनरी मौके पर तैनात हैं, लेकिन ऊपर से लगातार गिरते पत्थरों की वजह से मलबा हटाने के कार्य में गंभीर जोखिम बना हुआ है। इसके अलावा, बागेश्वर जिले की कम से कम 12 ग्रामीण सड़कें लैंडस्लाइड की चपेट में आकर बंद हो चुकी हैं, जिससे दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है और आवश्यक सामग्री की आपूर्ति बाधित हुई है।

कपकोट में जमीन धंसने से पलायन की नौबत:

बागेश्वर की कपकोट तहसील के बघर गांव में भू-धंसाव की घटनाएं सामने आ रही हैं। गांव को जोड़ने वाले सभी संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और कई मकानों में दरारें पड़ने लगी हैं। सहमे हुए ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर पगडंडियों के सहारे पलायन करने को मजबूर हैं। वहीं अल्मोड़ा-खैरना हाईवे पर क्वारब के पास पहाड़ी दरकने के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने भारी वाहनों और रोडवेज बसों के आवागमन पर सुरक्षात्मक प्रतिबंध लगा दिया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र और जिला प्रशासन अलर्ट पर हैं और संवेदनशील इलाकों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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