राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में घटित एक अत्यंत दुखद घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए झांसी के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आयोग ने इस मामले में चल रही जांच की अद्यतन स्थिति और पीड़िता के परिवार को दी जाने वाली राहत राशि पर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
प्राप्त विवरण के अनुसार, 19 वर्षीय पीड़िता ने कथित तौर पर छह लोगों द्वारा प्रताड़ित किए जाने और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री वायरल करने की धमकी से व्यथित होकर यह आत्मघाती कदम उठाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए मानवाधिकार आयोग ने पुलिस जांच की निष्पक्षता और पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं की सुरक्षा और अपराधों के प्रति त्वरित कानूनी कार्रवाई प्रशासन की संवैधानिक जिम्मेदारी है, जिसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
