उत्तर-पूर्व में स्थायी शांति स्थापित करने की अपनी नीति के तहत केंद्र सरकार ने नागा शांति वार्ता (Naga Peace Talks) को निर्णायक मोड़ देने के लिए एक अहम कूटनीतिक कदम उठाया है। सरकार ने इस दीर्घकालिक वार्ता प्रक्रिया को गति देने और हितधारकों के साथ संवाद को सुदृढ़ करने के लिए एक केंद्रीय मंत्री को वार्ता पैनल में शामिल करने का निर्णय लिया है।
गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य नागालैंड और आसपास के क्षेत्रों में स्थायी राजनीतिक समाधान तलाशना तथा पूर्वोत्तर में उग्रवाद-मुक्त वातावरण का निर्माण करना है। केंद्र सरकार विभिन्न नागा समूहों के साथ लगातार संपर्क में है और संबंधित सामाजिक संगठनों से भी रचनात्मक सहयोग की उम्मीद कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केंद्रीय स्तर के मंत्रियों की प्रत्यक्ष भागीदारी से वार्ता प्रक्रिया में प्रशासनिक तेजी आएगी और क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को बल मिलेगा।
