क्या है पूरा विवाद? (विवाद की जड़)
- मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा व कथित शुद्धिकरण: 8 अगस्त को कुमाऊं के हल्द्वानी (रामलीला मैदान) में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक जनसभा को संबोधित किया था। आरोप है कि सभा के बाद बीजेपी और दक्षिणपंथी संगठनों से जुड़े लोगों ने मैदान और मंच पर गंगाजल छिड़ककर ‘शुद्धिकरण’ कराया। कांग्रेस ने इसे दलित समुदाय का सीधा अपमान और छुआछूत/जातिगत भेदभाव का मामला बताया।
- राहुल गांधी पर FIR से भड़का आक्रोश: राहुल गांधी ने नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस घटना की कड़ी निंदा की थी और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। हालांकि, उत्तराखंड पुलिस ने शुद्धिकरण करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने के बजाय, कथित तौर पर धार्मिक और सामाजिक भावनाएं भड़काने व गलत बयानबाजी के आरोप में राहुल गांधी पर ही मामला दर्ज कर दिया। इससे कांग्रेस कार्यकर्ता बेहद आक्रोशित हो गए।
CM आवास कूच और प्रदर्शन के मुख्य बिंदु
- दिग्गज नेताओं की अगुवाई: देहरादून के परेड ग्राउंड में एकत्रित होकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में सीएम आवास की तरफ कूच किया।
- प्रमुख मांगें:
- नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ राजनीतिक विद्वेष से दर्ज कराई गई FIR को अविलंब निरस्त किया जाए।
- हल्द्वानी में ‘शुद्धिकरण’ का कृत्य करने वाले आयोजकों और इसे शह देने वाले नेताओं पर SC/ST एक्ट के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
- सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त: प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने हाथीबड़कला और दिलाराम चौक के पास भारी पुलिस बल तैनात कर बहुस्तरीय बैरिकेडिंग की है।
समानांतर घटनाक्रम और राजनीतिक माहौल
- जीरो FIR और डैमेज कंट्रोल: विवाद के बीच बेंगलुरु में उत्तराखंड बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और अन्य नेताओं के खिलाफ जीरो FIR दर्ज कराई गई है। दूसरी ओर, भाजपा ने इस विवाद के बीच राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग में उत्तराखंड के भगवत प्रसाद मकवाना को अध्यक्ष नियुक्त कर राजनीतिक संतुलन बनाने की कोशिश की है।
- विपक्ष का हमला: कांग्रेस इस पूरे प्रकरण को संविधान की रक्षा, दलित स्वाभिमान और राज्य सरकार के राजनीतिक प्रतिशोध के खिलाफ एक बड़ा जनआंदोलन बनाने में जुटी हुई है।
