मोथरोवाला में सामने आया मामला, तबीयत बिगड़ने पर किशोरों ने परिजनों को बताई आपबीती; धमकी देने और वीडियो बनाने के भी आरोप
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के मोथरोवाला क्षेत्र से दो किशोरों के कथित यौन शोषण का गंभीर मामला सामने आया है। परिजनों की शिकायत के अनुसार, दोनों किशोरों के साथ पिछले करीब छह महीने से एक व्यक्ति यौन उत्पीड़न कर रहा था। आरोप है कि वह उन्हें डराता-धमकाता था और किसी को घटना की जानकारी देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देता था। मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। शुक्रवार दोपहर लोगों ने कथित आरोपी को पकड़कर उसके साथ मारपीट की और उसके चेहरे पर कालिख पोतकर बाजार से होते हुए पुलिस चौकी तक ले गए। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले में मुकदमा दर्ज किया है।
तबीयत बिगड़ने पर खुला मामला, परिजनों को बताई आपबीती
मामले में सबसे अहम मोड़ तब आया, जब दोनों किशोरों की तबीयत खराब हुई। परिजनों के मुताबिक, इसके बाद किशोरों ने अपने साथ हुई घटनाओं के बारे में बताया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित व्यक्ति लंबे समय से उनका यौन शोषण कर रहा था। यह भी आरोप है कि वह उन्हें नशीला पदार्थ देता था और कथित घटनाओं के वीडियो बनाता था।
परिजनों का कहना है कि आरोपी ने किशोरों को किसी को कुछ भी बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी। इन आरोपों के सामने आने के बाद परिजनों ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस अब मामले से जुड़े तथ्यों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।
मोथरोवाला रोड पर आरोपी को लेकर निकले लोग
शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे मोथरोवाला रोड पर उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब कुछ लोग एक व्यक्ति को पकड़कर दून यूनिवर्सिटी की ओर ले जाते दिखाई दिए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कथित आरोपी के शरीर पर कमीज नहीं थी, उसके चेहरे पर कालिख पुती हुई थी और उसके गले में बाइक का टायर डाला गया था।
लोग उसे लेकर दून चौकी की ओर बढ़ रहे थे। इसी दौरान भंडारी चौक के पास कुछ लोग उसे एक पेट्रोल पंप की ओर ले गए, जहां से काला पेंट लेकर उसके चेहरे पर दोबारा लगाया गया। इसके बाद लोग उसे करीब 500 मीटर दूर स्थित पुलिस चौकी तक ले गए और पुलिस के हवाले कर दिया।
घटना के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। इस पूरे घटनाक्रम से क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई और पुलिस को लोगों को समझाने तथा स्थिति नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा।

पुलिस के सामने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जताई। करीब एक घंटे तक हंगामे की स्थिति बनी रही। पुलिस ने लोगों को समझाकर मामला शांत कराया और आरोपी को अपने कब्जे में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू की।
नेहरू कॉलोनी थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष देवेंद्र चौहान के अनुसार, किशोरों के परिजनों की ओर से शिकायत दी गई थी। शिकायत में बताया गया कि दोनों पीड़ित आपस में सगे भाई हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार करने की जानकारी दी।
आरोपी की पहचान और जांच के दायरे में कई पहलू
शिकायत में आरोपी की पहचान जितेंद्र सिंह, पुत्र महेंद्र सिंह, निवासी किला, गर्ल्स कॉलेज के पास, अफजलगढ़, जिला बिजनौर के रूप में बताई गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी विधानसभा की कैंटीन में काम करता था।
शिकायत में किशोरों के कथित यौन शोषण, धमकी देने, नशीला पदार्थ देने और वीडियो बनाने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। इन सभी पहलुओं की जांच आवश्यक है। पुलिस की जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि कथित घटनाएं कब और किन परिस्थितियों में हुईं तथा आरोपों से संबंधित क्या साक्ष्य उपलब्ध हैं।
बच्चों की सुरक्षा और संवेदनशील मामलों में सतर्कता जरूरी
यह मामला बच्चों की सुरक्षा और उनके साथ होने वाले अपराधों की समय पर पहचान के महत्व को सामने लाता है। बच्चों के व्यवहार या स्वास्थ्य में अचानक बदलाव दिखाई देने पर अभिभावकों को उनकी बात गंभीरता से सुननी चाहिए और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों या पुलिस की मदद लेनी चाहिए।
ऐसे मामलों में पीड़ित बच्चों की पहचान गोपनीय रखना भी बेहद जरूरी है। उनकी तस्वीर, नाम, स्कूल, घर का पता या ऐसा कोई विवरण सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए जिससे उनकी पहचान उजागर हो सके।
फिलहाल, मामला पुलिस की जांच के अधीन है। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच के निष्कर्षों से होगी।
