उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य से होने वाले पलायन को रोकने और स्थानीय युवाओं के लिए विकास के नए द्वार खोलने के लिए एक ठोस रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। रविवार को जारी एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सीएम धामी ने इस बात पर विशेष बल दिया कि राज्य के युवाओं को उनके अपने गृह जनपद में ही उच्च शिक्षा और रोजगार के बेहतरीन अवसर मिलने चाहिए, ताकि उन्हें आजीविका की तलाश में अन्य राज्यों का रुख न करना पड़े।
सरकार की इस नीति के तहत विभिन्न तकनीकी संस्थानों, विश्वविद्यालयों और कौशल विकास केंद्रों के पाठ्यक्रम को आधुनिक उद्योगों की मांग के अनुसार ढाला जा रहा है। इसके साथ ही, सरकारी विभागों में रिक्त पदों को पारदर्शी तरीके से भरने और स्वरोजगार योजनाओं (जैसे होमस्टे योजना, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना और मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना) के जरिए युवाओं को आसान ऋण उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि रोजगारपरक योजनाओं का क्रियान्वयन जमीन पर सख्ती से होना चाहिए, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों के गांवों से होने वाले पलायन पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
