केदारनाथ धाम श्रद्धालुओं की पहली पसंद, बदरीनाथ में भी उमड़ा आस्था का सैलाब; सतपाल महाराज ने यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर दी जानकारी
हरिद्वार। देवभूमि उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार चर्चा में है। यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों की कुल संख्या 59 लाख से अधिक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने हरिद्वार भ्रमण के दौरान बताया कि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अब तक चारों धामों में कुल 59,08,972 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं, इस यात्रा सीजन के लिए पंजीकरण कराने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 72,45,218 बताई गई है।
मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि वर्तमान यात्रा सीजन में श्रद्धालुओं के बीच चारधाम यात्रा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार यात्रा को सुचारू, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार का जोर देश के विभिन्न हिस्सों और विदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है।
केदारनाथ धाम में सबसे अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
चारधाम यात्रा के दौरान बाबा केदारनाथ के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या सबसे अधिक बताई गई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, केदारनाथ धाम में अब तक 17,29,170 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं, बदरीनाथ धाम में भी बड़ी संख्या में तीर्थयात्री पहुंचे हैं।
चारों धामों में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का विवरण इस प्रकार है:
- यमुनोत्री धाम: 8,26,965 श्रद्धालु
- गंगोत्री धाम: 9,29,664 श्रद्धालु
- केदारनाथ धाम: 17,29,170 श्रद्धालु
- बदरीनाथ धाम: 20,32,477 श्रद्धालु
इन आंकड़ों के अनुसार, बदरीनाथ धाम में सबसे अधिक 20 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं, जबकि केदारनाथ धाम दूसरे स्थान पर है। यमुनोत्री और गंगोत्री धाम में भी लाखों की संख्या में तीर्थयात्री पहुंचे हैं।
72 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण
चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण कराने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 72 लाख के आंकड़े को पार कर चुकी है। मंत्री सतपाल महाराज के अनुसार, अब तक कुल 72,45,218 श्रद्धालुओं ने यात्रा के लिए पंजीकरण कराया है।
हालांकि, पंजीकरण की संख्या और वास्तव में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अलग-अलग होती है। इसलिए पंजीकरण के आंकड़े को चारों धामों में दर्शन कर चुके लोगों की वास्तविक संख्या के बराबर नहीं माना जाना चाहिए।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर सरकार का जोर
चारधाम यात्रा उत्तराखंड के धार्मिक और पर्यटन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही के कारण परिवहन, स्वास्थ्य सेवाओं, ठहरने की व्यवस्था और मार्ग प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना जरूरी होता है।
सतपाल महाराज ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। यात्रा व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
यात्रा के आंकड़ों पर आगे भी रहेगी नजर
चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या में होने वाला बदलाव मौसम, मार्ग की स्थिति, धामों के कपाट खुलने की अवधि और प्रशासनिक व्यवस्थाओं जैसे कारकों से प्रभावित होता है। ऐसे में यात्रा से जुड़े आंकड़ों और व्यवस्थाओं की नियमित जानकारी श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण है।
फिलहाल, मंत्री की ओर से साझा किए गए आंकड़ों में चारों धामों में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की कुल संख्या 59.08 लाख और पंजीकरण कराने वालों की संख्या 72.45 लाख से अधिक बताई गई है। यात्रा से संबंधित आगे के आंकड़ों और प्रशासनिक अपडेट पर सभी की नजर रहेगी।
