उत्तराखंड में 1 अप्रैल से लागू हुए पांच बड़े बदलाव, सैलानियों की जेब पर भी पड़ेगा भार

उत्तराखंड में 1 अप्रैल से कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू हुए हैं। ये नए नियम राज्य के निवासियों और पर्यटकों दोनों को प्रभावित करेंगे।

  1. कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर 195.50 रुपये महंगा हुआ
  2. लच्छीवाला टोल प्लाजा पर टोल दरें 2026 से बढ़ेंगी
  3. कचरे को चार श्रेणियों में बांटना अब अनिवार्य

 उत्तराखंड में 1 अप्रैल से कई बदलाव हुए हैं। कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर 195.50 रुपये महंगा हुआ। लच्छीवाला टोल प्लाजा पर टोल दरें 1 अप्रैल 2026 से बढ़ेंगी। पर्यटकों से यूजर चार्ज भी 1 अप्रैल 2026 से लिया जाएगा। कचरे को चार श्रेणियों में बांटना अनिवार्य किया गया है, और अंग्रेजी शराब के दाम भी बढ़े हैं।

कमर्शियल LPG सिलिंडर 195 रुपये महंगा

तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी (19 किलोग्राम) के सिलिंडरों की कीमतों में 195.50 रुपये की भारी बढ़ोतरी कर दी है। ये रेट एक अप्रैल से लागू कर दिए गए हैं। यह वृद्धि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी के कारण की गई है।

नई दरों के अनुसार देना होगा टोल टैक्स (रुपये में )

  • वाहन – पहले- अब – एक ही दिन में आना-जाना – मासिक पास
  • कार, जीप, वैन या हल्के मोटर वाहन – 105, 105, 160, 3565
  • हल्का व्यावसायिक वाहन, हल्का मालवाहक वाहन या मिनी बस – 170, 175, 260, 5760
  • बस या ट्रक (दो एक्सल) – 355, 360,545,12070
  • तीन एक्सल व्यावसायिक वाहन- 385, 395,595,13170
  • एचसीएम या ईएमई या एमएवी (चार से छह पहिया वाहन) – 555, 570,850,18930
  • बड़े आकार के वाहन (सात या अधिक एक्सल) 675, 690,1035,23045
  • बीस किलोमीटर तक मासिक पास शुल्क- 340, 350

एक अप्रैल से सैलानियों से वसूला जाएगा नया चार्ज

उत्तराखंड में 1 अप्रैल 2026 से पर्यटकों से यूजर चार्ज वसूला जाएगा। केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 में यह नई व्यवस्था की गई है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के तहत पर्वतीय क्षेत्रों में स्थित नगर निकायों में गैर-बायोडिग्रेडेबल कचरे के लिए विशेष संग्रहण केंद्र स्थापित होंगे, ताकि प्लास्टिक तथा अन्य अपशिष्ट पहाड़ों व जलस्रोतों तक न पहुंच सकें।

स्थानीय निवासियों को कचरा स्थानीय निकायों को सौंपने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। खुले में कूड़ा फैलाने पर सख्ती बरती जाएगी। होटल और रेस्तरां को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड या प्रदूषण नियंत्रण समिति द्वारा तय मानकों के अनुसार गीले अपशिष्ट का प्रसंस्करण करना अनिवार्य होगा।

एक अप्रैल से चार तरह से करनी होगी कचरे की छंटाई

एक अप्रैल से लागू होने वाली ठोस अपशिष्ट नियमावली, 2026 के तहत अब कचरे को चार श्रेणियों में अलग करना अनिवार्य होगा। अब कचरे को केवल गीले और सूखे में नहीं, बल्कि चार अलग-अलग श्रेणियों गीला, सूखा, स्वच्छता अपशिष्ट और विशेष देखभाल अपशिष्ट में पृथक करना अनिवार्य होगा।

अब चार-स्तरीय पृथक्करण

  • गीला कचरा- रसोई अपशिष्ट, सब्जी-फल के छिलके, फूल, मांस आदि।
  • सूखा कचरा- प्लास्टिक, कागज, कांच, धातु।
  • स्वच्छता अपशिष्ट- डायपर, सैनिटरी पैड, टैम्पोन, कंडोम।
  • हानिकारक कचरा- पेंट डिब्बे, बल्ब, थर्मामीटर, दवाइयां।

एक अप्रैल से महंगी हुई शराब

उत्तराखंड में बुधवार से शुरू हो रहे नये वित्तीय वर्ष से शराब के दाम भी बढ़ गए हैं। नए वित्तीय वर्ष से शराब के दाम 10 से 20 रुपये बढ़ गए हैं। देशी शराब में किसी तरह की वृद्धि नहीं हो रही है। वृद्धि का प्रभाव मामूली रूप से अंग्रेजी शराब पर रहेगा।

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