उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की परीक्षा विवादों में, एक लाख से अधिक ने दी परीक्षा

परीक्षा आरंभ होने के तीस मिनट बाद ही प्रश्न पत्र बाहर आने का दावा

लोकजन एक्सप्रेस देहरादून lयूकेएसएसएससी के अध्यक्ष ने दिए जांच के आदेशदेहरादून। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की परीक्षा रविवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राज्य में 445 केंद्रों पर सुबह 11 बजे से आरंभ होने के साथ ही विवादों में आ गई। परीक्षा शुरू होने के 35 मिनट बाद ही एक परीक्षा केंद्र से पेपर के तीन पेज सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे। ऐसा दावा किया गया कि पेपर लीक हो गया है। परीक्षा खत्म होने के बाद जब अभ्यर्थियों ने इससे अपने पेपर का मिलान किया तो उन्होंने इसके सवाल एक जैसे ही पाए।यूकेएसएसएससी की तरफ से मामले में जांच के लिए पुलिस व एसटीएफ को पत्र भेज दिया है। आयोग अपने स्तर से भी इसकी जांच करा रहा है कि जैमर लगा होने के बावजूद पेपर कैसे बाहर आया।आयोग ने माना, पेपर के तीन पन्ने बाहर आएउत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के चेयरमैन गणोश शंकर मतरेलिया ने पेपर लीक मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि परीक्षा के प्रश्न पत्र से जुड़े तीन पन्ने बाहर आए हैं। हालांकि शुरुआती जांच में यह पन्ने पढने योग्य नहीं पाए गए।चेयरमैन मतरेलिया ने यह भी बताया कि परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए गए थे, जिससे यह सवाल उठता है कि इतने सुरक्षा उपायों के बावजूद ये पन्ने बाहर कैसे आए। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की गहन जांच के लिए आयोग स्तर पर उच्च स्तरीय बैठक चल रही है और विभिन्न पहलुओं की विस्तार से समीक्षा की जा रही है।बाबी पंवार का सनसनीखेज दावाउत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष और बेरोजगार संघ के पूर्व अध्यक्ष बाबी पंवार ने फेसबुक पर दावा किया कि परीक्षा का पेपर शुरू होते ही बाहर आ गया था। उन्होंने कहा कि हर बार पेपर लीक कैसे हो जाता है सरकार और आयोग जवाब दें। पंवार ने वायरल स्क्रीनाट का हवाला देते हुए तत्काल जांच की मांग की।बेरोजगार संघ की चेतावनी थी पहले सेबेरोजगार संघ के प्रदेश अध्यक्ष राम कंडवाल ने कहा कि संघ ने पहले ही प्रशासन को पेपर लीक की आशंका जताई थी। उन्होंने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि इतनी सतर्कता के बावजूद पेपर बाहर आना सरकार और आयोग की नाकामी है। संघ ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और भविष्य में पुख्ता इंतजाम की मांग की।आयोग के अध्यक्ष जीएस मतरेलिया ने कहा कि मामले में जांच के लिए पुलिस व एसटीएफ को पत्र भेज दिया है। आयोग अपने स्तर से भी इसकी जांच करा रहा है कि जैमर लगा होने के बावजूद पेपर कैसे बाहर आया।1,05,803 ने दी स्नातक स्तरीय परीक्षास्नातक स्तरीय परीक्षा के लिए 1,54,764 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 1,05,803 ने परीक्षा दी। 48,961 अनुपस्थित रहे। आयोग के सचिव डा. शिव कुमार बरनवाल ने बताया कि बागेर, चमोली, चंपावत, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में अभ्यर्थियों की उपस्थिति का प्रतिशत 70 से ऊपर रहा। अल्मोड़ा में 69.62, बागेर में 73.44, चमोली में 70.13, चंपावत में 72.53, देहरादून में 66.34, हरिद्वार में 69.76, नैनीताल में 67.80, पौड़ी में 61.01, पिथौरागढ़ में 73.23, रुद्रप्रयाग में 73.06, टिहरी में 67.51, ऊधम सिंह नगर में 68.14, उत्तरकाशी में 73.22 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी।

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