हाल ही में लोगनाथन केस में मा ० सुप्रीम कोर्ट ने पूरे देश भर के आवास विकास के लिए आदेश पारित किये कि आवास विकास क्षेत्र में कोई भी अवैध निर्माण हुए हो और जिन आवासीय निर्माणों में व्यावसायिक गतिविधियां की जा रही हो उन पर सख्त कार्यवाही के आदेश पारित किये। जिसका अनुपालन करते हुए उत्तर प्रदेश के मेरठ में लगभग 16000 ऐसे स्वीकृत मानचित्र से भिन्न व आवासीय भवनों में चल रही गतिविधियों वाले अवैध निर्माणों पर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की जा रही है।

वंही उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी द्वारा मा ० सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को गंभीरता से लेते हुए दिनांक 08/10/2026 को विभाग में द्वितीय शनिवार एवं रविवार की छुट्टी निरस्त करते हुए ऐसे अवैध निर्माणों पर त्वरित कार्यवाही के लिए एक माह की समय सीमा तय की है ।
उपाध्यक्ष द्वारा पूर्व में भी ऐसे अवैध निर्माणों पर कार्यवाही का चाबुक चलाते हुए समस्त प्राधिकरण क्षेत्र जनपद देहरादून में लगातार ऐसे भवनों को चिन्हित कर सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण तक की कार्यवाही निरंतर की जा रही है।

उपाध्यक्ष ,मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण
वंही दूसरी ओर मा ० सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यतः जिस विभाग के लिए आदेश दिए आवास विकास क्षेत्र। उत्तराखंड आवास विकास परिषद के अपर आवास आयुक्त एवं पूर्व के चर्चित प्रकरण NH 74 घोटाले के विवादों में घिरे डी पी सिंह द्वारा विभाग की कमान संभाले हुए लगभग 15 महीने बीत चुके है लेकिन इस लम्बे समयांतराल में डी पी सिंह

अपर आवास आयुक्त
उत्तराखंड आवास विकास परिषद
द्वारा अनेकों अवैध निर्माण एवं इमारतों की विभाग में शिकायतें प्राप्त होने के बाबजूद भी कोई कार्यवाही तक नहीं की जा रही है। कार्यवाही करना तो दूर की बात जिस समय मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के सचिव को आवास विकास क्षेत्र में अवैध निर्माण सील एवं ध्वस्तिकरण करने का अधिकार था उस समय एम डी डी ए सचिव दिशा निर्देशन पर आवास विकास क्षेत्र में ऐसे सैकड़ो अवैध निर्माणों पर कार्यवाही करते हुए प्रथम दृष्ट्या गलत पाते हुए चालानी कार्यवाही की गयी थी एवं कुछ एक पर सीलिंग की कार्यवाही भी की गयी थी।

उत्तराखंड आवास विकास परिषद में डी पी सिंह द्वारा पद संभालते ही ऐसे अवैध निर्माणों पर कृपा बरस रही है अवैध सील इमारतों में खुलेआम व्यावसायिक गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा हैएवं तमाम शिकायतों के बाबजूद विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारीयों द्वारा मौका मुआयना कर चुप्पी साध ली जा रही है। अब इसके पीछे का राज किसी से छिपा नहीं .


अब सबाल यह खड़ा होता है कि
मा ० सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन सिर्फ एम डी डी ए उपाध्यक्ष ही करेंगे ?
उत्तराखंड आवास विकास परिषद , अपर आवास आयुक्त डी पी सिंह के पद पर रहते हुए मा ० सुप्रीम कोर्ट के आदेशों भय व्याप्त कर अधीनस्तों के माध्यम से अवैध उगाही करते हुए सील इमारतों के ताले टूटेंगे एवं आवासीय स्वीकृत मानचित्रों में बड़े -बड़े व्यावसायिक निर्माण में धड्ड्ले से प्राधिकरण के चालान शुदा निर्माणों में व्यावसायिक गतिविधियां चलती रहेगी ?
या मा ० सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए ऐसे निर्माणों पर कब होगी कार्यवाही ?
