भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी रेड और ऑरेंज अलर्ट के बीच उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में मौसम ने गंभीर रूप ले लिया है। राज्य के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में 3,600 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर मौसम का पहला हिमपात दर्ज किया गया है, जबकि निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश तथा गर्जन के साथ बिजली गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। इस प्रतिकूल मौसम के बीच केदारनाथ और उत्तरकाशी के उच्च पर्वतीय ट्रैकिंग रूट पर खराब मौसम के कारण फंसे 179 ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने के लिए राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन ने बड़े पैमाने पर संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में अगले 24 से 48 घंटों के भीतर अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य भर में राष्ट्रीय राजमार्गों सहित 33 से अधिक ग्रामीण एवं संपर्क मार्ग भूस्खलन और मलबे के कारण पूरी तरह से अवरुद्ध हो चुके हैं। विशेष रूप से चमोली में 14 और देहरादून जिले में 10 प्रमुख सड़कें बंद हैं, जिन्हें खोलने के लिए लोक निर्माण विभाग और सीमा सड़क संगठन (BRO) की भारी मशीनरी को तैनात किया गया है। पिथौरागढ़-टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-9) पर लगातार पहाड़ियों से पत्थर गिरने के कारण यातायात को बेहद सावधानीपूर्वक निकाला जा रहा है।
आपदा प्रबंधन विभाग ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए तीर्थयात्रियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थानों पर बने रहें। रुद्रप्रयाग प्रशासन ने केदारनाथ धाम के लिए संचालित होने वाली हेलीकॉप्टर सेवाओं को भी दृश्यता कम होने और तेज हवाओं के कारण एहतियातन अस्थायी रूप से रोक दिया है। राज्य के कई संवेदनशील जिलों में स्कूली बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर जिलाधिकारियों ने प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में एक दिवसीय अवकाश घोषित किया है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि फंसे हुए 179 ट्रेकर्स का समूह सुरक्षित स्थान पर रोक लिया गया है और सैटेलाइट फोन व रेडियो संचार के माध्यम से उनसे लगातार संपर्क साधा जा रहा है। खाद्य सामग्री और आपातकालीन चिकित्सा किट के साथ एसडीआरएफ की टीमें पैदल मार्गों से उन तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। यदि मौसम में सुधार होता है, तो भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों की मदद से उन्हें एयरलिफ्ट करने की योजना भी तैयार रखी गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने सभी जिलाधिकारियों को स्थिति पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के कड़े निर्देश दिए हैं।
