विजयादशमी पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का संदेश — ‘अंतर के रावण’ को मिटाने और सामाजिक समरसता का आह्वान

विजयादशमी के पावन अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए समाज में भाईचारे, न्याय और धर्म की स्थापना का आह्वान किया। आधिकारिक बयानों और राज्य सूचना विभाग द्वारा जारी संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी का पर्व केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की जीत का शाश्वत संदेश देता है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे अपने भीतर के अहंकार, क्रोध और नकारात्मकता रूपी ‘रावण’ का अंत करें और राज्य के विकास तथा सामाजिक समरसता में योगदान दें।

सांस्कृतिक विरासत और राज्य में विकास का संकल्प

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि देवभूमि उत्तराखंड अपनी समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के लिए जानी जाती है। राज्य सरकार देवभूमि के मूल स्वरूप, सांस्कृतिक धरोहर और प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार भगवान श्रीराम ने अधर्म का नाश कर धर्मराज की स्थापना की थी, उसी प्रकार राज्य प्रशासन भी पारदर्शी शासन, भ्रष्टाचार-मुक्त व्यवस्था और अंतिम व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं को पहुँचाने के लिए कार्य कर रहा है।

राज्यभर में विजयादशमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, हल्द्वानी और अल्मोड़ा सहित सभी प्रमुख शहरों में रावण दहन के भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि त्यौहार शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके।

नागरिक सुरक्षा और जन कल्याण पर ज़ोर

त्यौहारी सीजन के दौरान प्रशासनिक सतर्कता पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मुख्य बाज़ारों, यात्रा मार्गों और जनसमूह वाले स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए। इसके अतिरिक्त, राज्य में आगामी शीतकालीन पर्यटन और धार्मिक आयोजनों को देखते हुए सड़कों के रख-रखाव और स्वास्थ्य सेवाओं को अलर्ट पर रखा गया है। मुख्यमंत्री के इस संदेश को सोशल मीडिया और आधिकारिक माध्यमों से व्यापक जनसमर्थन मिला है, जहाँ लोगों ने राज्य की प्रगति और शांति की कामना की है।

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