उत्तराखंड के उच्च हिमालयी और आध्यात्मिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण सीमांत क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन (Adventure Tourism) को एक नया आयाम देने के उद्देश्य से आयोजित की गई प्रतिष्ठित ‘आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0’ का भव्य समापन हो गया है। इस कठिन अल्ट्रा मैराथन प्रतियोगिता में उत्तराखंड के स्थानीय धावकों ने अपनी जबरदस्त शारीरिक क्षमता, सहनशक्ति और गति का प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाया।
देशभर के 26 राज्यों से पहुंचे 1,100 से अधिक धावक
सीमांत जिले पिथौरागढ़ के दुर्गम और चुनौतीपूर्ण प्राकृतिक रास्तों पर आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश के 26 विभिन्न राज्यों से आए लगभग 1,100 धावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अत्यधिक ऊंचाई, कम ऑक्सीजन और बेहद कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच आयोजित इस मैराथन में धावकों का जोश देखने लायक था।
कड़े मुकाबले और कठिन चुनौतियों को पार करते हुए उत्तराखंड के दिगंबर और मीनाक्षी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और ‘आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0’ का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम कर राज्य का नाम रोशन किया।

सीमांत क्षेत्रों और साहसिक खेल पर्यटन को मिलेगी नई दिशा
राज्य सरकार और उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (UTDB) का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम और सीमांत क्षेत्रों के विकास को बल मिलेगा।
- पर्यटन को बढ़ावा: आदि कैलाश और ॐ पर्वत जैसे पावन स्थलों तक हाई-एल्टीट्यूड मैराथन का आयोजन होने से न केवल देश-विदेश के साहसिक पर्यटकों का ध्यान इस ओर आकर्षित होगा, बल्कि स्थानीय होमस्टे और रोजगार को भी नया जीवन मिलेगा।
- युवाओं को प्रोत्साहन: स्थानीय धावकों की इस उपलब्धि से राज्य के युवाओं में एथलेटिक्स और साहसिक खेलों के प्रति नया उत्साह देखने को मिल रहा है।
स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों में भारी उत्साह
प्रतियोगिता के समापन पर विजेताओं को सम्मानित किया गया। स्थानीय निवासियों और पर्यटकों ने धावकों का जगह-जगह पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। आयोजकों ने उम्मीद जताई है कि आगामी वर्षों में ‘आदि कैलाश परिक्रमा रन’ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए और बड़े पैमाने पर आयोजित किया जाएगा।
