उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम परिसर में आयोजित एक निजी संगीत कार्यक्रम को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. मुरली मनोहर जोशी द्वारा एक्स (ट्विटर) पर उठाए गए सवालों के बाद राज्य शासन और रक्षा मंत्रालय हरकत में आ गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित सैन्य इकाई को कारण बताओ (Show-Cause) नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बद्रीनाथ धाम के आसपास के संवेदनशील और धार्मिक क्षेत्र में हाल ही में एक संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें कथित तौर पर तेज आवाज में वाद्ययंत्र बजाए गए थे। इस आयोजन में स्थानीय सैन्य इकाई की भागीदारी या अनुमति की बात सामने आई थी। वरिष्ठ नेता डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित इस पवित्र सनातन स्थल की मर्यादा, शांति और पारिस्थितिकीय संवेदनशीलता (Ecological Sensitivity) का ध्यान रखा जाना अत्यंत आवश्यक है।
प्रशासनिक और सैन्य कार्रवाई
डॉ. जोशी के ट्वीट के सार्वजनिक होते ही धार्मिक संगठनों, बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) और स्थानीय पंडा-पुरोहित समाज ने भी इस घटना पर कड़ा विरोध व्यक्त किया। रक्षा मंत्रालय के मध्य कमान (Central Command) और स्थानीय नागरिक प्रशासन ने मामले का त्वरित संज्ञान लेते हुए कहा कि धाम क्षेत्र में धार्मिक परंपराओं और शांति का उल्लंघन किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
प्रारंभिक जांच के आधार पर संबंधित सेना इकाई के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा गया है कि उच्च संवेदनशील मंदिर क्षेत्र में बिना पूर्व अनुमति या मर्यादाओं के उल्लंघन में इस प्रकार के कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति कैसे दी गई। अधिकारियों को 48 घंटे के भीतर अपनी स्पष्टीकरण रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है।
