UGC, AICTE और NCTE को रिप्लेस करने वाले बिल को मिली केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी, जल्द संसद में होगा पेश

केंद्रीय कैबिनेट ने सिंगल हायर एजुकेशन रेगुलेटर बनाने वाले बिल को मंजूरी प्रदान कर दी है। अब इस बिल को जल्द ही संसद में पेश किया जाएगा, जिसके बाद UGC, AICTE और NCTE रिप्लेस हो जाएंगे।

केंद्र की मोदी सरकार मौजूदा शीतकालीन सत्र में एक ऐसा बिल संसद में पेश करने जा रही है जिसके पास होने के बाद हायर एजुकेशन में बहुत बड़ा बदलाव होगा। इस बिल को केंद्रीय कैबिनेट ने शुक्रवार को मंजूर दे दी। अब जल्द ही यह बिल संसद में पेश होगा। ‘विकसित भारत शिक्षा अधिक्षण’ बिल में हायर एजुकेशन के लिए एक यूनिफाइड रेगुलेटर स्थापित करने का प्रस्ताव है। यानी कि इस बिल के पास होने के बाद यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC), ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) और नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) जैसी मौजूदा संस्थाओं को रिप्लेस करेगा।

क्यों लाया गया इस बिल को?यह बिल नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 में भारत के हायर एजुकेशन सेक्टर में गवर्नेंस और ओवरसाइट को आसान बनाने के उद्देश्य से लाया गया है। इस बिल को सिंगल रेगुलेटरी अथॉरिटी की सिफारिशों के बाद लाया गया है। पिछली रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रस्तावित रेगुलेटर का मकसद UGC, AICTE और NCTE के कामों को मिलाकर एक ऐसी संस्था बनाना है जो मेडिकल और लीगल कॉलेजों को छोड़कर, हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन्स में एकेडमिक रेगुलेशन, एक्रेडिटेशन और प्रोफेशनल स्टैंडर्ड तय करने के लिए जिम्मेदार हो। इसकी फंडिंग और फाइनेंशियल ऑटोनॉमी रेगुलेटर के बजाय एडमिनिस्ट्रेटिव मिनिस्ट्री के पास रहेगी।

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