नई टिहरी। उत्तराखंड की पहाड़ी सड़कों पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। उत्तरकाशी से श्रीनगर जा रही काशी विश्वनाथ सेवा की एक यात्री बस का चालक कथित तौर पर शराब के अत्यधिक नशे में करीब 55 किलोमीटर तक बस चलाता रहा। बस में 28 यात्री सवार थे। गनीमत रही कि टिहरी जिले के लंबगांव में पुलिस की चेकिंग के दौरान चालक की इस लापरवाही का पता चल गया और समय रहते बस को रुकवा लिया गया। पुलिस की सतर्कता से यात्रियों को संभावित खतरे से बचा लिया गया।
लंबगांव में चेकिंग के दौरान चालक पर हुआ संदेह
जानकारी के अनुसार, काशी विश्वनाथ सेवा की बस सुबह उत्तरकाशी से श्रीनगर के लिए रवाना हुई थी। बस जब लंबगांव थाना क्षेत्र के समीप पहुंची तो पुलिसकर्मी नियमित चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान चालक की गतिविधियां संदिग्ध नजर आने पर पुलिस ने बस को रुकवाकर पूछताछ की।
चालक के शराब के नशे में होने की आशंका पर पुलिस ने अल्कोमीटर से जांच की। जांच में उसके अत्यधिक शराब के नशे में वाहन चलाने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने तत्काल बस को आगे जाने से रोक दिया।
28 यात्रियों को दूसरे वाहन से भेजा गया श्रीनगर
बस में करीब 28 यात्री सवार थे। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने बस को मौके पर ही सीज कर दिया। इसके बाद यात्रियों को उनके गंतव्य श्रीनगर तक पहुंचाने के लिए दूसरे वाहन की व्यवस्था की गई, ताकि उन्हें बीच रास्ते में परेशानी न हो।
पुलिस ने बस चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। साथ ही उसका ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने के लिए संबंधित विभाग को संस्तुति भेजी गई है।
चालक का कराया गया मेडिकल परीक्षण
लंबगांव के थानाध्यक्ष महिपाल सिंह रावत ने बताया कि बस चालक का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। पुलिस मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रही है।
पहाड़ी सड़कों पर नशे में ड्राइविंग यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा
उत्तराखंड की पहाड़ी सड़कों पर संकरे रास्ते, तीखे मोड़ और गहरी खाइयां पहले से ही वाहन चालकों के लिए चुनौतीपूर्ण होती हैं। ऐसे में सार्वजनिक परिवहन की बस को शराब के नशे में चलाना दर्जनों यात्रियों की जिंदगी को खतरे में डाल सकता है।
इस घटना ने सार्वजनिक परिवहन के चालकों की नियमित स्वास्थ्य और नशे संबंधी जांच की आवश्यकता को एक बार फिर सामने ला दिया है। खासकर पहाड़ी मार्गों पर चलने वाली यात्री बसों के लिए नियमित जांच और यातायात नियमों का सख्ती से पालन बेहद जरूरी है।
