प्राधिकरण आदेश बाद भी कार्यवाही के लिए इंतजार क्यों ?

प्राधिकरण द्वारा होने वाली कार्यवाही में भी भेदभाव

कार्यवाही न होने से प्राधिकरण की भूमिका संदिग्धता के घेरे में

क्षेत्रीय अधिकारी कर्मचारी की भूमिका संदिग्धता के घेरे में

प्रशांत राजपूत, संवाददाता, एपिक उत्तराखंड

पिछले कई महीनों से प्राधिकरण के अंतर्गत परवाह दून क्षेत्र ऋषिकेश में बिना स्वीकृत मानचित्र के व्यावसायिक एवं निजी भवनों पर मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा सीलिंग व ध्वस्तीकरण की कार्यवाही बहुमंजिला भवनों पर की जा रही है।

जबकि कुछ एक नवनिर्मित भवन में तो परिवार वह भी रहे थे उन्हें भी चेतावनी देकर खाली करा कर प्राधिकरण द्वारा कार्रवाई की गई ,

वहीं दूसरी ओर परशुराम चौक एवं भारत मंदिर इंटर कॉलेज के समीप ही लगभग 10 से 12 बीघा भूमि में बिना प्राधिकरण के मानचित्र स्वीकृत करा अवैध रूप से प्लाटिंग की जा रही है जिसके ध्वस्तीकरण के आदेश पीठासीन अधिकारी /उप जिलाधिकारी द्वारा लगभग चार माह पूर्व ही कर दिए गए थे

वहीं पीठासीन अधिकारी के आदेशों को धता बताते हुए प्लाटिंग कर्ताओं एवं प्राधिकरण के क्षेत्रीय अभियंता एवं कर्मचारियों की मिलीभगत से आज तक ना तो प्लाटिंग पर कोई कार्रवाई हुई बल्कि लगता प्लॉटों की खरीफ फरोख्त की जा रही है.जिस से प्राधिकरण एवं क्षेत्रीय अधिकारी कर्मचारी की भूमिका भी संदिग्धता के घेरे में खड़ी होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *