देहरादून। गर्मियों में अपने सुहाने मौसम के लिए मशहूर उत्तराखंड का मिजाज इस बार पूरी तरह से बदला-बदला सा नजर आ रहा है। मौसम विभाग की मानें तो इस बार ‘नौपता’ में मैदान ही नहीं, पहाड़ भी भट्टी की तरह तपेंगे। तो वहीं, लोगों को घर से बाहर निकलने के लिए इस बार छाते की जरूरत पड़ सकती है। दरअसल, उत्तराखंड में इस बार गर्मी अपने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ने पर आमादा है और अब तो वह समय आ रहा है, जब सूरज देव पूरी तरह से आग उगलने लगेंगे। उत्तर भारत समेत उत्तराखंड के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में आगामी 25 मई से लेकर 2 जून तक गर्मी अपने चरम यानी सबसे खतरनाक स्तर पर रहने वाली है।इस बेहद गर्म और झुलसाने वाले समय को पारंपरिक रूप से ‘नौतपा’ के नाम से जाना जाता है। इस साल 2026 में नौतपा के इन नौ दिनों के दौरान धूप इतनी तेज और तीखी होने वाली है कि दिन के समय सड़कों पर निकलना किसी जलती हुई भट्टी में पैर रखने जैसा महसूस होगा।केवल दिन ही नहीं, बल्कि रात के समय भी उमस (ह्यूमिडिटी) इतनी ज्यादा बढ़ जाएगी कि लोगों की रात की नींद और चैन गायब होना तय है. मौसम विभाग (प्डक्) ने भी इसे लेकर पहले ही कड़े तेवर अपना लिए हैं और राज्य के कई मैदानी व निचले पहाड़ी हिस्सों में भीषण लू यानी हीटवेव चलने की गंभीर चेतावनी (येलो अलर्ट) जारी कर दी है।
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