Breaking
Mon. Mar 23rd, 2026

उत्तराखंड में सरकारी जमीनों पर अवैध मजारों का मामला, वक्फ बोर्ड अध्यक्ष का बयान

उत्तराखंड में सरकारी जमीनों पर अवैध मजारों का मामला गरमा गया है। राज्य सरकार की जांच में सामने आया है कि एक ही पीर-फकीर के नाम पर दर्जनों मजारें अलग-अलग जगहों पर बनी पाई गईं, जैसे सैय्यद, भूरे शाह और कालू सैय्यद की ‘फ्रेंचाइजी’ वाली मजारें। ये ज्यादातर सरकारी भूमि पर कब्जा करके वक्फ बोर्ड में दर्ज कराई गईं। जांच रिपोर्ट्स के अनुसार, राज्य गठन के बाद वक्फ संपत्तियों में तेज वृद्धि हुई है। वक्फ बोर्ड में अब 725 मस्जिदें और 769 कब्रिस्तान दर्ज हैं, जबकि 203 मजारें और दरगाहें भी लिस्टेड हैं। इनमें से कई में कोई ऐतिहासिक या धार्मिक महत्व नहीं मिला – सिर्फ अतिक्रमण का तरीका नजर आया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ कहा है कि देवभूमि में ढोंग का कारोबार बर्दाश्त नहीं होगा। अतिक्रमण हटाओ अभियान जारी है – अब तक 572 से ज्यादा अवैध मजारें ध्वस्त की जा चुकी हैं और 10,000 से 11,000 एकड़ सरकारी जमीन मुक्त कराई गई है। बुलडोजर एक्शन देहरादून, हरिद्वार, मसूरी समेत कई इलाकों में चल रहा है। वक्फ बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स ने कहा कि जांच में सहयोग किया जा रहा है और अगर कोई संपत्ति अवैध साबित हुई तो कार्रवाई होगी। यह मामला सरकारी संपत्ति की रक्षा से जुड़ा है। जांच पूरी होने पर और तथ्य सामने आएंगे, और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। देवभूमि की पवित्रता बनाए रखने के लिए सरकार अलर्ट है। सरकार की इस कार्रवाई से सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों को लेकर एक सख्त संदेश गया है।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed