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जून में बद्रीनाथ–माणा में होगा देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल, 31 मई को ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ आयोजित

देहरादून। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि अप्रैल 2026 में भारतीय सेना के साथ सूर्य देवभूमि चैलेंज का आयोजन प्रस्तावित है जिसके अंतर्गत हेलंग से उर्गम, रूद्रनाथ, मंडल होते हुए ऊखीमठ तक कुल 91 किमी. ट्रेल का आयोजन किया जाएगा।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि शीतकालीन पर्यटन एवं साहसिक खेलों को बढ़ावा दिए जाने हेतु औली में विश्व प्रसिद्ध नेशनल हिमकीडा स्कीइंग विंटर कार्निवल-2026 का शुभारंभ हो चुका है जो कि 16 फरवरी 2026 तक चलेगा। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि अब विंटर कार्निवल का आयोजन प्रत्येक वर्ष किया जाएगा।

प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन की सफलता के पश्चात पर्यटन विभाग के द्वारा जनपद चमोली की नीति घाटी में 31 मई 2026 को नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन का आयोजन किया जाना प्रस्तावित है। इसके अन्तर्गत रिमखिम से नीति होकर मलारी तक कुल 75 किमी. अल्ट्रा मैराथन एवं मलारी से नीति होकर मलारी तक कुल 42 किमी. मैराथन आयोजित की जायेगी। इस मैराथन में विदेशी प्रतिभागियों की उपस्थिति सुनिश्चित किए जाने हेतु भी प्रयास किए जा रहे हैं।

पर्यटन मंत्री श्री महाराज ने बताया कि जून 2026 में भारतीय सेना के साथ मिलकर राज्य का पर्यटन विभाग बद्रीनाथ एवं माणा में देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल के द्वितीय संस्करण का आयोजन करेगा। इसके अलावा 80 के दशक में कुमाऊँ से गढ़वाल के मध्य होने वाली प्रसिद्ध हिमालयन कार रैली का वर्ष 2026 में पुनः आयोजन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि पैराग्लाइडिंग गतिविधियों के प्रचार-प्रसार हेतु राज्य में गत माह एक्रो फेस्टिवल का आयोजन किया गया है जिसे कैलेंडर इवेंट की तरह हर साल आयोजित किया जाएगा।

पर्वतमाला परियोजना के अंतर्गत केदारनाथ और हेमकुण्ड रोपवे का निर्माण कार्य इस वर्ष से होना प्रस्तावित है। रोपवे के निर्माण से इन दोनों धामों में आने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा में सुगमता और सुविधा होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में हमारी सरकार पर्यटन को राज्य की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार स्तंभ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। शीतकालीन पर्यटन को वर्षभर के पर्यटन चक्र में समाहित कर हम उत्तराखंड के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में संतुलित और सतत विकास सुनिश्चित कर रहे हैं।

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