उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राज्य में पहली बार बड़े पैमाने पर पोस्ट डिजास्टर नीड असेसमेंट (पीडीएनए) किया गया है। इस प्रक्रिया में पूरे राज्य का आकलन किया गया और रिपोर्ट तैयार की गई है। 31 दिसंबर 2025 को यह रिपोर्ट एनडीएमए और भारत सरकार को भेज दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, आपदा से कुल 15103 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
आपदा प्रबंधन सचिव ने बताया कि भारत सरकार की ओर से प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है और जल्द ही धनराशि उपलब्ध हो जाएगी। पीडीएनए रिपोर्ट के आधार पर ही भारत सरकार द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह रिपोर्ट आपदा प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण और राहत कार्यों के लिए महत्वपूर्ण है। आपदा प्रबंधन विभाग ने इस रिपोर्ट को तैयार करने में विशेषज्ञों की मदद ली है और विभिन्न क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया है। अब सरकार की ओर से मंजूरी मिलने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्निर्माण कार्य शुरू हो सकेंगे।
उत्तराखंड को केंद्र सरकार से उम्मीद जल्द ही मिलेगी राहत राशि
