पटाखों के शोर और शिकारियों के खतरे के बीच राजाजी टाइगर रिजर्व अलर्ट, बैराज-चीला मार्ग पर सख्ती

वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर पार्क प्रशासन सतर्क, शिकार और अवैध घुसपैठ रोकने के लिए बढ़ाई गश्त; संवेदनशील क्षेत्रों में लगेंगे कैमरे, वनकर्मी 24 घंटे अलर्ट मोड पर

ऋषिकेश। दीपावली के त्योहार पर बढ़ने वाली आवाजाही, भीड़भाड़ और पटाखों के शोर को देखते हुए राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन ने वन क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। वन्यजीवों की सुरक्षा, अवैध शिकार की रोकथाम और संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पूरे पार्क क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन ने दीपावली के मद्देनजर रेड अलर्ट जारी करते हुए प्रमुख प्रवेश और निकास मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी है।

पार्क प्रशासन के निर्देश पर बैराज, चीला और गंगा भोगपुर स्थित बैरियरों पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इन मार्गों से गुजरने वाले वाहनों की गहन जांच की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि, अवैध प्रवेश या वन्यजीवों के लिए खतरा पैदा करने वाली सामग्री को रोका जा सके। वन विभाग की टीमें दिन-रात निगरानी में जुटी हैं और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

समय सीमा के बाद बैराज-चीला मार्ग पर प्रतिबंध

वन क्षेत्र से गुजरने वाले बैराज-चीला मार्ग पर समयबद्ध आवाजाही के नियमों का भी सख्ती से पालन कराया जाएगा। सर्दियों में यह मार्ग शाम 6 बजे और गर्मियों में रात 8 बजे बंद कर दिया जाता है। दीपावली के दौरान निर्धारित समय के बाद आवाजाही की अनुमति नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

नाले-खालों में बढ़ेगी गश्त, कैमरों से होगी निगरानी

वन क्षेत्र के भीतर स्थित नाले-खालों और संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है। खासतौर पर उन स्थानों पर निगरानी मजबूत की जा रही है, जहां शिकारियों या अवैध रूप से प्रवेश करने वालों की गतिविधियों की आशंका रहती है। इसके लिए संवेदनशील स्थानों पर कैमरे लगाए जाने की योजना है। वनकर्मियों को 24 घंटे अलर्ट रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना उच्चाधिकारियों को देने के निर्देश दिए गए हैं।

पटाखों के शोर से वन्यजीवों को बचाने की चुनौती

दीपावली के दौरान आतिशबाजी और मानवीय गतिविधियों में वृद्धि का असर वन्यजीवों पर भी पड़ सकता है। तेज आवाज और अनावश्यक आवाजाही से वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार और विचरण में बाधा आने की आशंका रहती है। ऐसे में पार्क प्रशासन का जोर केवल सुरक्षा जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को शांत और सुरक्षित बनाए रखने पर भी है।

राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन के अनुसार, त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों पर नजर रखने के साथ ही वन क्षेत्र में नियमित गश्त जारी रहेगी।

राजेश चंद जोशी, क्षेत्राधिकारी, राजाजी टाइगर रिजर्व (गोहरी) ने बताया कि त्योहारी सीजन को देखते हुए पार्क क्षेत्र से गुजरने वाले वाहनों की जांच की जा रही है। सभी टीमें दिन-रात अलर्ट मोड पर हैं और संदिग्ध वाहनों तथा गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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