Delhi-Haridwar Expressway: अब दिल्ली से हरिद्वार पहुंचना हो सकता है पहले से कहीं आसान। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अगले महीने नया मार्ग खोलने की बात कही है। इससे तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और कारोबारियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
नई दिल्ली/हरिद्वार। दिल्ली से हरिद्वार जाने के लिए घंटों का सफर जल्द ही काफी कम हो सकता है। अगर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की घोषणा तय समय पर पूरी होती है, तो राष्ट्रीय राजधानी से हरिद्वार तक की यात्रा लगभग डेढ़ घंटे में पूरी हो सकेगी। यानी सुबह दिल्ली से निकलकर गंगा स्नान और हरिद्वार के दर्शन करने की योजना बनाना पहले से आसान हो सकता है।
गडकरी ने मंगलवार, 27 अक्टूबर को भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के राष्ट्रीय सम्मेलन ‘Highways of India’s Future: Smart, Safe and Sustainable’ में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली से हरिद्वार के लिए नया मार्ग अगले महीने खोले जाने की योजना है। हालांकि, अभी इसकी सटीक उद्घाटन तिथि और मार्ग से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
दिल्ली से हरिद्वार: 3–4 घंटे का सफर 90 मिनट में?
फिलहाल दिल्ली से हरिद्वार की सड़क यात्रा में यातायात, शुरुआती स्थान और रास्ते की परिस्थितियों के अनुसार करीब 3 से 4 घंटे या उससे अधिक समय लग सकता है। प्रस्तावित मार्ग के चालू होने के बाद यह समय लगभग 90 मिनट तक आने की उम्मीद जताई गई है।
गडकरी ने अपने संबोधन में दिल्ली-मेरठ और दिल्ली-देहरादून मार्गों का उदाहरण देते हुए बताया कि बेहतर सड़क संपर्क से यात्रा का समय किस तरह कम हो सकता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली से देहरादून पहुंचने में पहले लगभग सात घंटे लगते थे, जबकि नए मार्ग से यह यात्रा करीब दो घंटे में पूरी हो सकती है।
हरिद्वार जाने वाले श्रद्धालुओं को क्या होगा फायदा?
हरिद्वार उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्रों में शामिल है। यहां हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान, हर की पैड़ी पर गंगा आरती और अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
नए मार्ग से यात्रा का समय कम होने पर कई तरह के फायदे मिल सकते हैं:
- तीर्थयात्रियों को राहत: दिल्ली और आसपास के शहरों से हरिद्वार आना-जाना आसान हो सकता है।
- वीकेंड ट्रिप को बढ़ावा: कम समय में यात्रा पूरी होने से सप्ताहांत पर घूमने आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है।
- स्थानीय कारोबार को फायदा: होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी, परिवहन और पर्यटन से जुड़े व्यवसायों को अतिरिक्त ग्राहक मिल सकते हैं।
- यात्रियों के समय की बचत: परिवारों और बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए यात्रा की योजना बनाना अधिक सुविधाजनक हो सकता है।
हालांकि, वास्तविक लाभ इस बात पर भी निर्भर करेगा कि नया मार्ग किन स्थानों से होकर गुजरेगा, प्रवेश और निकास कहां होंगे तथा टोल और यातायात व्यवस्था कैसी होगी।
चारधाम यात्रा को भी मिल सकता है बढ़ावा
गडकरी ने अपने संबोधन में चारधाम सड़क परियोजना का जिक्र करते हुए बताया कि इसका लगभग 80 से 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। उन्होंने बेहतर सड़क संपर्क को धार्मिक पर्यटन में बढ़ोतरी और रोजगार के अवसरों से भी जोड़ा।
दिल्ली से हरिद्वार की कनेक्टिविटी बेहतर होने का असर आगे ऋषिकेश और उत्तराखंड के अन्य पर्यटन स्थलों की यात्रा पर भी पड़ सकता है। हालांकि, हरिद्वार से आगे की यात्रा का समय संबंधित सड़क, यातायात और मौसम पर निर्भर करेगा।
क्या नवंबर से ही शुरू हो जाएगा सफर?
यही इस घोषणा से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण सवाल है। गडकरी ने अगले महीने मार्ग खोलने की बात कही है, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों में परियोजना की सटीक उद्घाटन तिथि, आधिकारिक नाम, पूरा रूट, टोल दरों और प्रवेश-निकास बिंदुओं की विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
इसलिए फिलहाल 90 मिनट के सफर को घोषित लक्ष्य या अपेक्षित यात्रा समय के रूप में देखना उचित होगा, न कि हर परिस्थिति में मिलने वाली गारंटी के रूप में।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि नया मार्ग कब शुरू होता है और दिल्ली से हरिद्वार की यात्रा वास्तव में कितनी तेज हो पाती है। अगर घोषित समय-सीमा और यात्रा अवधि हासिल होती है, तो इसका लाभ उत्तराखंड आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय कारोबार को मिल सकता है।
