केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भूस्खलन व बारिश से तीर्थयात्रा अस्थायी रूप से स्थगित, मौसम विभाग ने जारी किया उत्तराखंड के 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

उत्तराखंड के पर्वतीय अंचलों में एक बार फिर मानसूनी बारिश का उग्र रूप देखने को मिल रहा है। रुद्रप्रयाग जिले में स्थित प्रसिद्ध केदारनाथ धाम जाने वाले पैदल मार्ग पर चीरबासा हेलीपैड के पास पहाड़ी से भारी मलबे और पत्थरों के गिरने से एक तीर्थयात्री की दुखद मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। उधर, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देहरादून सहित प्रदेश के सात जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
उत्तराखंड के पर्वतीय अंचलों में एक बार फिर मानसूनी बारिश का उग्र रूप देखने को मिल रहा है। रुद्रप्रयाग जिले में स्थित प्रसिद्ध केदारनाथ धाम जाने वाले पैदल मार्ग पर चीरबासा हेलीपैड के पास पहाड़ी से भारी मलबे और पत्थरों के गिरने से एक तीर्थयात्री की दुखद मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। उधर, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देहरादून सहित प्रदेश के सात जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

घटना का विवरण एवं प्रशासनिक कार्रवाई

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, रविवार को केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा के समीप अचानक पहाड़ी से विशालकाय बोल्डर (चट्टानें) गिरने लगे। इसकी चपेट में आने से उखीमठ के निवासी 65 वर्षीय मदन मोहन तिवारी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, SDRF (राज्य आपदा मोचन बल) और NDRF की टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

सुरक्षा के दृष्टिकोण से केदारनाथ जा रहे यात्रियों को सोनप्रयाग और गौरीकुंड में ही रोक दिया गया है, जबकि धाम से वापस लौट रहे श्रद्धालुओं को जंगलचट्टी और सुरक्षित पड़ावों पर ठहरने के निर्देश दिए गए हैं। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त बयान जारी कर तीर्थयात्रियों से अपील की है कि जब तक मौसम सामान्य नहीं हो जाता और मार्ग से मलबा पूरी तरह हटा नहीं लिया जाता, तब तक वे आगे की यात्रा न करें।

राज्य में मौसम का मिजाज और ऑरेंज अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून द्वारा जारी ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तराखंड के सात जिलों—देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, बागेश्वर, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़—में मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है। राजधानी देहरादून में रविवार से शुरू हुआ बारिश का दौर जारी है, जिससे तापमान में लगभग 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है।

पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण अलकनंदा, मंदाकिनी और भागीरथी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले आबादी वाले क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया है और भूस्खलन संवेदनशील क्षेत्रों पर JCB मशीनें व आपदा प्रबंधन टीमों को मुस्तैद रखा है।

यात्रा और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

चारधाम यात्रा उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था और स्थानीय आजीविका की रीढ़ मानी जाती है। मानसून के इस दौर में यात्रा बाधित होने से न केवल श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि स्थानीय कारोबारियों, घोडे़-खच्चर संचालकों और होटल व्यवसायियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। अधिकारियों का कहना है कि आगामी 48 घंटों तक मौसम का मिजाज इसी प्रकार बने रहने की संभावना है, और मौसम में सुधार होते ही यात्रा को पुनः सुरक्षित ढंग से बहाल किया जाएगा।

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