उत्तराखंड में विधवा-दिव्यांग पेंशन बढ़कर हुई इतनी, दो योजनाओं के लिए प्रपोजल होगा तैयार

समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने छात्रवृत्ति योजनाओं में लापरवाही पर चेतावनी दी और सत्यापन मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने आय सीमा 4000 से 6000 रुपये करने का भी प्रस्ताव है।

  1. छात्रवृत्ति योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, सत्यापन मजबूत करे
  2. पेंशन आय सीमा 4000 से 6000 रुपये करने का प्रस्ताव
  3. विधवा, दिव्यांग पेंशन 1500 से 1875 रुपये हुई

देहरादून। समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय समीक्षा में अधिकारियों को चेतावनी दी कि छात्रवृत्ति योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या त्रुटि सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि छात्रवृत्ति से जुड़ी सत्यापन प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाया जाए, ताकि पात्र छात्र किसी भी स्थिति में वंचित न रहें।

बैठक में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए मंत्री ने विभागीय कर्मचारियों को समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने को कहा। पेंशन योजनाओं में संशोधनों की जानकारी देते हुए बताया कि विधवा एवं दिव्यांग पेंशन को 15 सौ रुपये से बढ़ाकर 1875 रुपये किया गया है।

प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश

वहीं, बौना पेंशन और तीलू रौतेली पेंशन को 1200 से बढ़ाकर 1500 रुपये करने तथा दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान को 700 से 1000 रुपये करने के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों, औद्योगिक आस्थानों और छात्रावासों की भी समीक्षा की।

मसूरी के गर्ल्स इंटर कालेज छात्रावास का पुनर्निर्माण तीन माह में पूरा कर सितंबर, 2026 तक संचालन शुरू करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, पेंशन एवं अन्य योजनाओं की आय सीमा 4000 से बढ़ाकर 6000 रुपये करने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया।

इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिकों के लिए सहायक उपकरणों के वितरण, एससी-एसटी योजनाओं, निश्शुल्क कोचिंग, ग्रामीण योजनाओं के विस्तार और दिव्यांग कल्याण से जुड़े कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *