हरिद्वार में बुलडोजर एक्‍शन: डीएम की सख्ती के बाद कलियर में गरजा पीला हाथी, मजार ध्वस्त

हरिद्वार में उप्र सिंचाई विभाग की भूमि पर दशकों से चले आ रहे अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के सख्त निर्देशों के बाद पिरान कलियर में अवैध रूप से बनी मजार और लगभग दो दर्जन अस्थायी टिनशेड ध्वस्त कर दिए गए। यह अभियान सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जों को बर्दाश्त न करने के प्रशासन के स्पष्ट संकेत का हिस्सा है, और आगे भी जारी रहेगा।

रुड़की। उप्र सिंचाई विभाग की वर्षों से अतिक्रमण की चपेट में रही सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराने की कार्रवाई अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की सख्ती के बाद हरिद्वार जनपद में प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जे को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में पिरान कलियर क्षेत्र में उप्र सिंचाई विभाग की भूमि पर अवैध रूप से बनी मजार और मिश्रित अतिक्रमण में करीब दो दर्जन अस्थायी टिनशेड को ध्वस्त कर दिया गया।

हरिद्वार के अहमदपुर कडच क्षेत्र में लंबे समय से विकसित राजीव कालोनी को लेकर बेदखली की प्रक्रिया न्यायालय में विचाराधीन है। कोर्ट से आदेश मिलते ही वहां भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं कलियर क्षेत्र में ग्रीन बेल्ट विकसित करने के उद्देश्य से बुध बाजार स्थित नहर पटरी के दोनों ओर बने अवैध बस अड्डों, पक्के निर्माण और मिश्रित अतिक्रमण को हटाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। कार्रवाई के दौरान नगर पंचायत कलियर के अधिशासी अधिकारी वीरेंद्र सिंह, उप्र सिंचाई विभाग के एसजीओ अर्जुन सिंह और अवर अभियंता बीडी धीमान, उप राजस्व अधिकारी मुनेश शर्मा सहित संबंधित अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

दरअसल, हरिद्वार जनपद में उप्र सिंचाई विभाग की कई परिसंपत्तियां लंबे समय से अवैध कब्जों में फंसी हुई हैं। यह मामला केवल अतिक्रमण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों राज्यों की सरकारी भूमि और प्रशासनिक जिम्मेदारियां जुड़ी हुई हैं। उप्र सिंचाई विभाग का लगातार यह कहना रहा कि स्थानीय स्तर पर पर्याप्त सहयोग न मिलने से कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही थी। इस स्थिति का संज्ञान लेते हुए डीएम मयूर दीक्षित ने बीते सप्ताह डामकोठी स्थित अधिकारियों के साथ बैठक कर साफ निर्देश दिए थे कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण स्वीकार्य नहीं होगा।

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