भारतीय प्रेस दिवस पर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में संगोष्ठी आयोजित

उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं मीडिया अध्ययन विद्याशाखा में सोमवार को भारतीय प्रेस दिवस पर “प्रिंट मीडिया का इतिहास और वर्तमान परिदृश्य” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार डॉ. दिलीप चौबे रहे। इस अवसर पर राष्ट्रीय सहारा के कुमायूँ ब्यूरो प्रमुख गणेश पाठक को सम्मानित किया गया। विशिष्ट वक्ता के रूप में दैनिक जागरण के संपादक विजय यादव उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि डॉ. चौबे ने कहा कि तकनीक के बढ़ते प्रभाव से मीडिया का पूरा ढांचा बदल गया है और अखबार अब कॉरपोरेट ढांचे में परिवर्तित होते जा रहे हैं, जिससे जनसरोकार प्रभावित हुए हैं।

विशिष्ट वक्ता विजय यादव ने कहा कि तात्कालिक सूचना युग में प्रिंट मीडिया के सामने बड़ी चुनौतियाँ हैं। उन्होंने भाषा की शुद्धता, खबरों की विश्वसनीयता और अखबारों के जनसरोकारों से जुड़े रहने पर जोर दिया।

विवि के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने कहा कि तकनीक ने पत्रकारिता का स्वरूप बदल दिया है इसलिए युवा पीढ़ी के लिए यह आवश्यक है कि अभिव्यक्ति कौशल और जनसरोकार दोनों को बचाए रखें।
संगोष्ठी की शुरुआत में पत्रकारिता एवं मीडिया अध्ययन विद्याशाखा के निदेशक प्रो. राकेश चन्द्र रयाल ने भारतीय प्रेस दिवस के इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रेस दिवस हमें पत्रकारिता के आदर्शों, मूल्यों और जनसरोकारों को याद करने का अवसर देता है। उन्होंने मीडिया की बदलती प्रवृत्तियों और सामाजिक उत्तरदायित्व पर भी जोर दिया।

सम्मानित पत्रकार गणेश पाठक ने कहा कि जनसरोकारों की पत्रकारिता लगभग तिरोहित हो गई है और पत्रकारिता की विश्वसनीयता सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी है।

कार्यक्रम में कई वरिष्ठ पत्रकार व शिक्षाविद शामिल हुए। इस दौरान पत्रकारिता चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए।

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