उत्तराखंड में अब घर बैठे हो सकेगी जमीन की रजिस्ट्री!,जानें कब लागू होगा वर्चुअल रजिस्ट्रेशन सिस्टम

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में मंगलवार को भूमि के क्रय-विक्रय के वर्चुअल रजिस्ट्रेशन के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीएस ने संबंधित अधिकारियों से वर्चुअल रजिस्ट्रेशन के कार्यों की प्रगति का स्टेटस लेते हुए निर्धारित टाइमलाइन में इसके क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

भूमि के क्रय-विक्रय के वर्चुअल रजिस्ट्रेशन को लेकर CS की बैठक

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि भूमि के क्रय-विक्रय का वर्चुअल रजिस्ट्रेशन पूरा करने के लिए सभी संबंधित हितधारकों से समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि संबंधित एप्लीकेशन /पोर्टल में इस तरह की व्यवस्था की जाए कि भूमि के क्रय-विक्रय से संबंधित जितने भी दस्तावेज विभिन्न हित धारकों, विभागों, निकायों और एजेंसियों के बीच शेयर करने होते हैं, वे सभी ऑटो मोड पर और पेपरलेस प्रक्रिया से त्वरित गति से शेयर हो जाएं।

परियोजना के पूरा होने से भूमि खरीद-बिक्री में आएगी पारदर्शिता

सीएस ने कहा इस परियोजना के पूरा होने से भूमि खरीद-बिक्री में पारदर्शिता आएगी और विभिन्न विभागों, निकायों, एजेंसियों और हितधारकों के बीच सुसंगत और सटीक भूमि रिकॉर्ड साझा करना संभव होगा। इससे भूमि खरीद-बिक्री से जुड़े विवादों में भी कमी आएगी। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित आवेदन जमा कर दिया गया है और आज प्राप्त दिशा-निर्देशों के आधार पर इसमें आंशिक संशोधन किए जाएंगे। इसके बाद, बुनियादी ढांचे के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू होगी।

पोर्टल में होंगे तीन विकल्प उपलब्ध

बैठक में बताया गया कि इस एप्लीकेशन/पोर्टल में ज़मीन की ख़रीद-फ़रोख़्त से संबंधित तीन विकल्प उपलब्ध होंगे। पहले विकल्प के तहत, रजिस्ट्री के लिए दस्तावेज़ों के साथ रजिस्ट्रार कार्यालय में स्वयं उपस्थित होना होगा। दूसरे विकल्प के तहत, बिना किसी दस्तावेज़ के (पेपरलेस) रजिस्ट्री कार्यालय में उपस्थित होकर रजिस्ट्री कराई जा सकेगी। तीसरे विकल्प के तहत, बिना किसी मध्यस्थ के, ज़मीन की रजिस्ट्री वर्चुअली (ऑनलाइन) कराई जा सकेगी। बताया गया कि इस परियोजना को 1 अप्रैल, 2026 से पूरे राज्य में लागू करने का प्रयास किया जाएगा।

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