UGC ने इन 54 विश्वविद्यालयों को भेजा नोटिस, अगर आप ले रहे हैं एडमिशन तो पहले देख लें लिस्ट

यूजीसी ने इन विश्वविद्यालयों को अपनी वेबसाइट पर मान्यता, कोर्स के नाम, पढ़ाई का माध्यम, मूल्याकंन, यूजी, पीजी, पीएचडी में छात्रों की संख्या, ऑफ कैंपस, प्लेसमेंट, ड्रॉपआउट लेकर शिक्षकों की पढ़ाई, स्पोर्ट्स, आरक्षण जैसी जानकारियां अपलोड नहीं करने के चलते ये नोटिस जारी किया है।

यूजीसी ने यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत अन्य राज्यों के 54 विश्वविद्यालयों को नोटिस भेजा है।

UGC ने अपनी जानकारियां सार्वजनिक नहीं करने के चलते 54 प्राइवेट विश्वविद्यालयों को नोटिस जारी किया है। यह विश्वविद्यालय यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत अन्य राज्यों के हैं। जानकारी के मुताबिक, यूजीसी ने इन विश्वविद्यालयों को अपनी वेबसाइट पर मान्यता, कोर्स के नाम, पढ़ाई का माध्यम, मूल्याकंन, यूजी, पीजी, पीएचडी में छात्रों की संख्या, ऑफ कैंपस, प्लेसमेंट, ड्रॉपआउट लेकर शिक्षकों की पढ़ाई, स्पोर्ट्स, आरक्षण जैसी जानकारियां अपलोड नहीं करने के चलते ये नोटिस जारी किया है।और भी कठोर कार्रवाई की जा सकती है यह जानकारी उन छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो इन विश्वविद्यालयों में या तो दाखिला ले चुके हैं या फिर लेने वाले हैं। इस नोटिस के बाद यूजीसी इन विश्वविद्यालयों के खिलाफ कुछ और कठोर कार्रवाई भी कर सकता है। यूजीसी सचिव प्रोफेसर मनीष जोशी ने इस संबंध में राज्यों और विश्वविद्यालयों को पत्र लिखा है जिसमें कहा गया है कि छात्रों, अभिभावकों को दाखिले से पहले विश्वविद्यालय, कॉलेज या किसी भी उच्च शिक्षण संस्थान की जानकारी होनी जरूरी है।

इन विश्वविद्यालयों को जारी हुआ नोटिस

यूपी की अग्रवन हेरिटेज विश्वविद्यालय (आगरा), एफएस विश्वविद्यालय (शिकोहाबाद),

मेजर एसडी सिंह विश्वविद्यालय (भूलनपुर-चिरपुरा), मोनाड विश्वविद्यालय (कसमाबाद),

माया देवी विश्वविद्यालय (देहरादून),

माइंड पावर विश्वविद्यालय (नैनीताल),

मंजीरा देवी विश्वविद्यालय (उत्तरकाशी),

सूरजमल विश्वविद्यालय (उधम सिंह नगर),

ओपीजेएस विश्वविद्यालय (राजस्थान)

एमिटी यूनिवर्सिटी(मोहाली)

एनआईआईएलएम विश्वविद्यालय कैथल

जुलाई में 23 संस्थानों को मिली थी चेतावनी यूजीसी ने इन विश्वविद्यालयों को तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने की चेतावनी दी है। यूजीसी अधिकारियों के अनुसार, अगर संस्थान निर्देशों की अनदेखी करते रहे तो आगे की कार्रवाई की जा सकती है। उच्च शिक्षा नियामक हाल के महीनों में निजी विश्वविद्यालयों पर अपनी निगरानी कड़ी कर रहा है। जुलाई में उसने नियमों के अनुसार लोकपालों की नियुक्ति नहीं करने पर 23 संस्थानों को चेतावनी दी थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *